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नेहा कक्कड़ के पिता स्कूल के बाहर बेचते थे समोसे, बच्चे देते थे ताने

नेहा कक्कड़ का खास इंटरव्यू

आज बॉलीवुड में कई सुपरहिट गाने गा चुकीं नेहा कक्कड़ का बचपन कुछ खास नहीं था। उनके पिता की समोसे की दुकान थी और उनकी हालत इतनी खराब थी कि पढ़ाई के लिए उन्हें खुद से पैसे कमाने पड़ते थे, जिसके लिए वह अपने भाई-बहन के साथ रात भर जागरण में गाने गाया करती थीं।

‘काला चश्मा’ जैसा सुपरहिट गाना गा चुकीं नेहा ने इंटरव्यू में अपने बारे कुछ खास बातें बताई। नेहा ने अपने बचपन के संघर्ष के बारे में जो बातें बताई हैं, वो सुनकर आप भी हैरान रह जाएंगे।

रियलिटी शो के प्रतियोगी से जज तक का सफर…

 

सवालः आपने एक सिंगिंग रियलिटी शो से शुरुआत की और अब आप सरेगामापा जैसे सिंगिंग शो को जज कर रही हैं। तब में और अब में क्या अंतर है?

जवाबः अंतर कुछ नहीं है बस तब मैं एक प्रतियोगी थी और अब मैं जज हूं। हालांकि आज भी उतनी ही नर्वस हूं जितना कि तब होती थी। मुझे लगता है कि मैं प्रतियोगियों के साथ ज्यादा रिलेट कर पाती हूं क्योंकि मैं उनके उत्साह और डर दोनों को समझती हूं। मैं उस पूरे दौर से गुजरी हूं और मुझे हर एक चीज का अनुभव है।

सवालः प्रोमो में आप कई बार इमोशनल हो जाती हैं। क्या किसी प्रतियोगी में आप खुद को देखती हैं?

जवाबः हर किसी की कहानी अलग होती है। हां, जब भी मुझे कोई ऐसा बच्चा मिलता है जिसने अपने बचपन में बुरे दिनों को झेला है तो मैं इमोनशनल हो जाती हूं क्योंकि मैंने भी बचपन में ऐसे दिन देखे हैं जब हमारे पास पढ़ने के लिए और ट्यूशन के लिए पैसे नहीं होते थे। फिर मुझे, मेरी बहन और मेरे भाई को जागरण में गाना पड़ता था। हम लोग शाम को 7 बजे से लेकर सुबह के 5 बजे तक गाते थे फिर चाहे गर्मी हो या फिर ठंड। ऐसे में जब मैं अपने जैसे किसी प्रतियोगी से मिलती हूं तो मेरी आंख भर आती है।

पापा का मजाक उड़ाते थे स्कूल के बच्चे…

सवालः आपने कहा कि आपने बचपन में काफी बुरे दिन देखे हैं। क्या अपने बचपन की किसी याद के बारे में बताना चाहेंगी?

जवाबः मुझे ध्यान है कि मेरे पापा, दीदी सोनू कक्कड़ के स्कूल के बाहर ही समोसे बेचा करते थे। वैसे तो बच्चे उसे इस बात को लेकर अक्सर ताने देते थे, लेकिन एक दिन एक बच्चे ने उसे बोला कि तू बड़ी-बड़ी बात मत कर, बाहर जाकर समोसे बेच। तो उसे यह बात बहुत बुरी लगी। इस बात पर वह पूरे दिन रोती रही, लेकिन जब मैंने सुना तो मैंने ठान लिया कि हम अपने पापा की पहचान बनाकर रहेंगे और भगवान की कृपा है कि उन्होंने हमारा साथ दिया।

सिर पर सवार नहीं होने दूंगी स्टारडम

सवालः तंगी में दिन गुजारने के बावजूद आज आपके पास ऑडी कार है और तमाम ऐसी चीजें हैं जो आपको स्टार बनाती हैं। ऐसे में आप कैसे स्टारडम को हैंडल करती हैं?

जवाबः मेरे लिए स्टारडम जैसा कुछ नहीं है। बस मैं चाहती हूं कि भगवान इसी तरह मुझ पर दया दिखाए और मुझे और काम मिले। मैं जानती हूं कि जिस दिन मेरे सिर पर स्टारडम का भूत चढ़ गया उसी दिन मेरी जगह कोई और ले लेगा और मुझे गायब होते देर नहीं लगेगी। इसलिए मैं अपने अक्ल को ठिकाने पर रखती हूं और जमीन से जुड़े रहने की कोशिश करती हूं।

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